
चंदौली जिले में सकलडीहा कोतवाली पुलिस ने रविवार की सुबह वो काम कर दिखाया जो किसी फिल्मी क्लाइमेक्स से कम नहीं था। बिहार चुनाव से पहले शराब की तस्करी के खेल पर पुलिस ने ‘फुल स्टॉप’ लगा दिया।
मुखबिर से मिली गुप्त जानकारी पर पुलिस ने पीथापुर नोनार तुलसी आश्रम स्टेशन के आउटर साइड में ट्रेन में लादने से पहले ही तीन तस्करों को दबोच लिया।
कहा जा रहा है कि शराब की ये खेप “बिहार चुनाव में बंपर सेल” के लिए रवाना होने वाली थी।
10 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद — पूरा मेन्यू देखिए!
जब पुलिस ने ट्रेन के पास से बैग और पेटियां खोलीं, तो सामने आया शराब का चुनावी मैनिफेस्टो —
- Old Monk: 24 बोतलें (750ml × 2 पेटी)
- Royal Stag: 36 बोतलें (750ml × 3 पेटी)
- Signature: 12 बोतलें (750ml × 2 पेटी)
- After Dark Blue: 150 शीशियां (180ml)
- 8PM Gold: 40 शीशियां (180ml)
यानी पूरा “लिकर लिमिटेड” बेनकाब!
तस्करों की कहानी — “साहब, चुनाव है… डिमांड हाई है!”
पुलिस पूछताछ में तस्करों ने बेबाकी से कहा — “साहब, बिहार में चुनाव चल रहा है, वहाँ शराब की डिमांड आकाश छू रही है। यूपी से सस्ता लेते हैं, ट्रेन से भेजते हैं, वहाँ ऊँचे दामों में बेच देते हैं… यही हमारा ‘इकोनॉमी मॉडल’ है।”
तीनों गिरफ्तार तस्करों के नाम — दीपक कुमार (पटना), सुनील चौधरी (आरा) और बजरंगी कुमार (विहिटा, पटना) बताए गए हैं।
सबकी उम्र 20 से 40 के बीच है — यानी “जवान जज्बा, शराबी जुनून!”

पुलिस की टीम ने दिखाया दम
कार्रवाई में सकलडीहा के प्रभारी निरीक्षक दिलीप श्रीवास्तव के नेतृत्व में पुलिस टीम मौजूद रही। टीम में उपनिरीक्षक नंदलाल मिश्र, शिवशंकर यादव, कौशलेश मिश्रा और हेड कांस्टेबल संजय पांडेय, प्रश्विन दूबे, संदीप यादव शामिल रहे। सभी के चेहरे पर “मिशन शुद्ध चुनाव” की चमक साफ दिखी।
अब सवाल ये — ट्रेन पकड़नी थी या जेल की बर्थ?
जैसे ही तीनों को पुलिस ने गिरफ्तार किया, स्थानीय लोगों में चर्चा छिड़ गई — “भाई लोग बिहार में चुनाव जीतने नहीं, शराब बेचने जा रहे थे!”
सकलडीहा पुलिस ने आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है और अब जांच इस बात की चल रही है कि इनके पीछे ‘चुनावी कनेक्शन’ कितना गहरा है।
